चौथे गीत तक बारिश ने मैदान को कीचड़ और भीड़ ने कीचड़ को नाचने की जगह बना दिया था। तबला, सरोद और ब्रास वाले नौ सदस्यों के बैंड ने रफ़्तार कम नहीं की।
छतरियों के नीचे फ़ोन की रोशनी उठाए दर्शकों के साथ "बारिश वाली रात" की अनप्लग्ड प्रस्तुति शाम का सबसे ख़ूबसूरत पल था। रेटिंग: 5 में 4।
यह एक डेमो ख़बर है: इसमें आए सभी नाम, स्थान, संस्थाएँ और आँकड़े काल्पनिक हैं।








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